'हितैषी'
:)
Saturday, June 9, 2012
गए तुम छोड़ के
क्यूँ गए तुम भी छोड़ के!
सपना मेरा तोड़ के
साथ निभाके दो पल का
सदा को मुंह मोड़ के
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विकास प्रताप सिंह
'हितैषी'
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27/05/2012
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