तेरी याद और दिल उदास हो जाता है
दूर होके भी तू फिर पास हो जाता है
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विकास प्रताप सिंह 'हितैषी'
jab dil hi toot gaya... hum soke kya karenge!
jo h nahi, uske sapnon me khoke kya karenge!
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अब इसे सुनने के बाद चुप सोयें तो कैसे!
दर्द उफन आ रहा है, दिल लिखे जा रहा है
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दिल उदास है...
नहीं पास कोई खास है
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विकास प्रताप सिंह 'हितैषी'
कभी हम सिकंदर... कभी तुम धुरंधर...
और भी काम हैं दुनिया में जलने के सिवा
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विकास प्रताप सिंह 'हितैषी'
दूर होके भी तू फिर पास हो जाता है
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विकास प्रताप सिंह 'हितैषी'
jab dil hi toot gaya... hum soke kya karenge!
jo h nahi, uske sapnon me khoke kya karenge!
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अब इसे सुनने के बाद चुप सोयें तो कैसे!
दर्द उफन आ रहा है, दिल लिखे जा रहा है
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दिल उदास है...
नहीं पास कोई खास है
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विकास प्रताप सिंह 'हितैषी'
कभी हम सिकंदर... कभी तुम धुरंधर...
और भी काम हैं दुनिया में जलने के सिवा
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विकास प्रताप सिंह 'हितैषी'

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