जी भरके चाहने दो मुझे तुम्हें, क्या पता
ये मुकाम ज़िंदगी में फिर आये न आये!
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'हितैषी'
(10/12/2012)
जहाँ भी देखा इंसान ने अपना मतलब
वहाँ तेरे नाम का झूठा डंका बजा डाला
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'हितैषी'
(10/12/2012)
ये मुकाम ज़िंदगी में फिर आये न आये!
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'हितैषी'
(10/12/2012)
जहाँ भी देखा इंसान ने अपना मतलब
वहाँ तेरे नाम का झूठा डंका बजा डाला
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'हितैषी'
(10/12/2012)

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