'हितैषी'
:)
Sunday, March 31, 2013
कहीं तो रोक ले
कहीं तो रोक ले
(ये) आसमां
इन हवाओं को...
तेरे बाद
कुछ ज़्यादा ही
सख्त हो गयी हैं
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'हितैषी'
(08/12/2012)
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