'हितैषी'
:)
Saturday, May 11, 2013
उनसे क्या मोहब्बत की जाए!
'हितैषी'
2013,
January 4
उनसे क्या मोहब्बत की जाए!
जिन्हें खुद से ही प्यार नहीं
भावों का निस्तार नहीं
उस हिय अधिकार करना क्या!
मृत जीव में प्राण भरना क्या!
जीते जी जो न जी पाए
उनसे क्या मोहब्बत की जाये!
--
'हितैषी'
निस्तार = रिहाई, release
हिय = हृदय, heart
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment