a few lines on description of 'poetry addiction' --> :)
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किसे फुर्सत ये याद रखे कि कब से हम बीमार हुए!
हमें फक्र सिर्फ इस बात का कि इसकी कोई दवा नहीं
(aprna tripathi)... [https://www.facebook.com/ aprna.tripathi]
response
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रोग ही इतना मंजुल, हम अक्सर खिंचे चले जाते हैं
आत्मिक अभिव्यक्ति पुरजोर हो, काव्य बनते जाते हैं
--
vps.hitaishi (me)
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किसे फुर्सत ये याद रखे कि कब से हम बीमार हुए!
हमें फक्र सिर्फ इस बात का कि इसकी कोई दवा नहीं
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रोग ही इतना मंजुल, हम अक्सर खिंचे चले जाते हैं
आत्मिक अभिव्यक्ति पुरजोर हो, काव्य बनते जाते हैं
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