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Tuesday, October 9, 2012

कुछ और शायरी!


ना समझना तुम दिल लगाना कोई मजाक है|
इश्क में किसी से 'खेलना' बेहद खतरनाक है||
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विकास प्रताप सिंह 'हितैषी'
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मानव-हृदय में प्रेम का होना 
सबसे बड़ा जज़्बात है 
प्यार में जीना, प्यार में मरना 
खुद में एक सौगात है 
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विकास प्रताप सिंह 'हितैषी'
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चुपके से आई तो पर लौट के नहीं गई
मुझे तेरी याद.. आज फिर डुबा ले गई
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विकास प्रताप सिंह 'हितैषी'
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तेरे साथ न निभाने का अफ़सोस हो तो कैसे हो!
फकत तू मिला तो गैर ही था मुझको राहों में ||
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विकास प्रताप सिंह 'हितैषी'
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Wedding wishes to a long-time/childhood friend.. Bhawesh Chaudhary -->

कलम कहे कमाल है
दिल कहे धमाल है..
कल तक जिसके हाथ सिर्फ रूमाल था
आज मिला 'कोई' बेमिसाल है ;)
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विकास प्रताप सिंह 'हितैषी'
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यूं तो गम दिए कई ज़माने ने 
कसर रही न अश्क बहाने में 
ज्वार आते रहे, धार ढलकती रही 
पूरी उम्र लगी है उन्हें सुखाने में 
कोई कंधा न था मेरे सिरहाने में 
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विकास प्रताप सिंह 'हितैषी'
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ना समझना तुम दिल लगाना कोई मजाक है|
इश्क में किसी से 'खेलना' बेहद खतरनाक है||
--
विकास प्रताप सिंह 'हितैषी'

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