'हितैषी'
:)
Saturday, June 9, 2012
जुदा होकर भी
जुदा होकर भी तुमसे हम वफ़ा निभाते हैं
जुगनुओं की मदद से अब शमां जलाते हैं
--
विकास प्रताप सिंह
'हितैषी'
--
07/06/2012
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment